शायद हमारा मिलना ज़रूरी था

कहीं न कहीं यह लिखा था कि हमारे     रास्ते जुड़ने ही थे, धागो ने बंधना ही था,
दूर रह कर भी ऐसा ही कोई नहीं मिलता अपने जैसा,
हमें मिलाया गया है,
उस ऊपरवाले ने कुछ तो सोचा होगा ना, तभी तो हम मिले हैं, शायद हमें एक दूसरे की ज़रूरत थी,
ज़ख्म पर मरहम लगाना ज़रूरी था, कोई समझने वाला और समझा ने वाला, खुशी और ग़म का साथी चाहिए था, हर रोज़ एक दूसरे को चुनते हैं चाहे हालात कैसे भी हो
कोई जो कहे "मैं हूं ना" शायद हमारा मिलना लिखा था

Sofiya

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