बहुत दिन बाद आज शाम ख़ुशनुमा है
मानो गम के ढेर बादल छट गए
गुलाबी आसमान, ठंडी हवा के झोंके
बगिया में फूलों का रस पी भौरे गुनगुना रहे हैं
महक रही है हर जगह
दूर क्षितिज में सूरज मुस्कुरा रहा है
मानो लंबी जुदाई के बाद मेहबूब अपने प्यार से मिल रहा हो
बहुत दिन बाद आज शाम ख़ुशनुमा है
Sofiya Nathani
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