मेरे सब से ज्यादा करीब तुम हो
मेरी आँखों में जो नूर नज़र आता है वो तुम हो
दिन भर करलू बात फिर भी
दिल नहीं भरता
जब बात ना हो तो अधूरा सा लगता है
रात को ख्वाब में भी सोचु तुम साथ रहो मेरी ख़ुशी तुम्हारी ख़ुशी है
मेरा दर्द तुम्हें सताये
तुम वो वाहिद शक्स हो जो मेरी ख्वाहिश है
कभी दूर ना जाना एक तुम्ही हो जो मेरे अपने हो
मेरे सब से ज्यादा करीब तुम होSofiya
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