वो आया मेरी जिंदगी में कुछ इस तरह
बिना दस्तक दिये बिना आवाज दिये
ऐसा दोस्त बन गया जैसे मेरा ही हिस्सा होमुझे एहसास दिलाया के कमिया मुझ में नहीं
मेरी हिम्मत और ताकत से मिलवाया
मेरी हर बात को बिना परखे सुनता रहा
कभी नहीं कहा के मैं गलत हूं
मेरे हर दर्द को समझता
मेरे हर एहसास को महसूस करता
मुझसे दूर रह कर ही सही मुझे मुझसे मिलवाया
वो आया मेरी जिंदगी में कुछ इस तरहSofiya
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