लिखू क्या ऐ जिंदगी तेरे बारे में
कल लिखु जो माज़ी बन गया
अच्छा था या बुरा वो तो बीत गया
जो आया नहीं वो कल में कैसे लिखु
क्या होगा मालूम नहीं
आज है जो अभी साथ है पर पूरा नहीं है उसे कैसे लिखू
ऐ जिंदगी तेरा शुक्रिया ही लिख दूं
रुलाया भी हँसाया भी तूने
कल शायद हम रहे या ना रहे
जो मिला हमने ने जी लिया
लिखू क्या ऐ जिंदगीSofiya
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