कहते हैं दर्द है ग़म है जिंदगी में

पर कौन है ऐसा जिसको दर्द नहीं गम नहीं
सब की अपनी तकलीफ़ है अपना फ़साना है
खुशियों का तो आना जाना है, दर्द हर ज़माने में है
वक्त तो उसके लिए होता है जो अहम है
बाकी तो सब कहने की बातें हैं कि हम तेरे हैं
किसी के लिए जरूरी तो किसी की ज़रुरत है
कोई ना मेरा है ना तेरा है
सब को दिल बहलाना है वक़्त ये गुज़ारना है
ना हाथ पकड़ना है ना कदम से कदम मिला कर चलना है
मुस्कुराते हैं तब भी जब दिल रोता है
कहते हैं दर्द है ग़म है जिंदगी में
Sofiya

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