पाना मंजिल है और मैंने तो तुम्हें पाना नहीं
चहना ख्वाहिश है और मैंने तो तुम्हें चहना है
कभी इस ख्वाब सी दुनिया से निकल कर मिलेंगे
इतना तो मेरी मोहब्बत पर यकीन है कि तुम्हारा भी हकीकत में आने का मन है
साथ बैठे और ना वक्त की पाबंदी ना कोई दुनिया का शोर
सिर्फ तुम और मैंSofiya
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