शायद हमारा मिलना तय था
एक-दूसरे के लिए अजनबी थे,
कहीं लिखा था कि हम एक दिन मिलेंगे
हमारी दो अलग कहानियाँ,
जुडने थे वो अँधेखे धागे के सिरे
शायद अभी भी कुछ सीखना बाकी था
उलझनें सुलझानी थीं,
कुछ बर्दाश्त, कुछ गलतिया
दर्द के लिए मरहम ज़रूरी था,
साथ चलेंगे कभी एक कहानी बन कर
शायद हमारा मिलना तय था
Sofiya
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