मौसम का मिजाज बदलता रहता है

ये फ़ितरती है,

इंसान का मिजाज भी अब मौसमी है

ये दिल का बदलना है,

कभी ख़ुशनुमा बहार है,

हंसी और खुशियां बांटते हैं

कभी छोटी सी बात पे गर्म हवाओ की दुरी,

कभी बादलों की छांव और बूंद बूंद बरसे मोहब्बत

थंड हवा चलते ही अजनबी बन जाते कल जो अपने थे

मौसम से ज्यादा इंसान बदलता है

Sofiya

Comments

Popular posts from this blog

Family Members