मोहब्बत भी तो है मौसम की तरह

कभी रंगो भरी, खुशबू महकाए 

दिल में तितलियां घूमे,

जैसी खुशियाँ बहार हर जगह

बारिश बन के रूह को भीगोये

हवा के झोंके दिल को छू जाये

पतझड़ का मौसम जैसा टूटा दिल ज़मीन पर बिखरा दे 

सर्द रातों में यादें जगाएं

मोहब्बत भी तो है मौसम की तरह

Sofiya

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